ASI भगवती प्रसाद कुर्रे की गवाही को अदालत ने माना विश्वसनीय
एनडीपीएस एक्ट के मामले में अदालत ने अभियोजन के पक्ष में सुनाया महत्वपूर्ण निर्णय
सारंगढ़-बिलाईगढ़ – एनडीपीएस एक्ट के विशेष आपराधिक प्रकरण क्रमांक 66/2025 में न्यायालय ने साक्षी सहायक उप निरीक्षक भगवती प्रसाद कुर्रे (अ0सा0-12) की गवाही को महत्वपूर्ण, ठोस, बिसंगतिहीन एवं विश्वसनीय माना है। न्यायालय के निर्णय में गवाह की गवाही से संबंधित की गई टिप्पणी अब इस मामले का प्रमुख पहलू बनकर सामने आई है।
मामला मादक पदार्थ को बिना वैध अनुज्ञप्ति एवं आदेश-पत्र के कब्जे में रखकर परिवहन किए जाने के आरोप से जुड़ा था। अभियोजन के अनुसार, 6 सितंबर 2025 को दोपहर करीब 1:50 बजे थाना डोंगरपाली क्षेत्र में विरनपाली बैरियर के पास कार्रवाई के दौरान अभियुक्तों के कब्जे से एक नीले रंग के बैग में रखे चार पैकेट बरामद किए गए थे। ये पैकेट खाकी रंग के टेप से लिपटे हुए थे। अभियोजन के अनुसार, बरामद पदार्थ का कुल वजन 4 किलो 40 ग्राम गांजा बताया गया।
न्यायालय में मामले की सुनवाई के दौरान सहायक उप निरीक्षक भगवती प्रसाद कुर्रे की गवाही पर विशेष रूप से चर्चा हुई। न्यायालय ने अपने निर्णय में कहा कि अन्य साक्षियों के प्रतिपरीक्षण के दौरान ऐसा कोई तथ्य सामने नहीं आया, जिससे भगवती प्रसाद कुर्रे के कथनों पर अविश्वास किया जा सके।
साथ ही, उनकी गवाही की पुष्टि विवेचना के दौरान तैयार किए गए दस्तावेजों से होने की बात भी निर्णय में कही गई है। न्यायालय ने उपलब्ध साक्ष्यों और दस्तावेजों के आधार पर अभियोजन पक्ष के आरोपों को संदेह से परे प्रमाणित माना।
न्यायालय के निर्णय के अनुसार, गवाह भगवती प्रसाद कुर्रे के बयान की विश्वसनीयता पर विशेष रूप से विचार किया गया। प्रतिपरीक्षण के दौरान उनके कथन को अविश्वसनीय साबित करने वाला कोई ठोस तथ्य सामने नहीं आने की बात न्यायालय ने दर्ज की।
इसके अलावा, विवेचना से संबंधित दस्तावेजों के साथ उनके बयान का सामंजस्य भी न्यायालय के लिए महत्वपूर्ण रहा। उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर अभियोजन पक्ष ने अनूप कुमार तोमर एवं तोतीराम जाटव के विरुद्ध एनडीपीएस एक्ट की धारा 20(b)(ii)(B) के तहत लगाए गए आरोपों को संदेह से परे प्रमाणित किया।














