गेट क्षतिग्रस्त होने से सूखने के कगार पर बिला जलाशय, किसानों और ग्रामीणों में नाराजगी Bila reservoir on the verge of drying up due to damaged gate, angering farmers and villagers

गेट क्षतिग्रस्त होने से सूखने के कगार पर बिला जलाशय, किसानों और ग्रामीणों में नाराजगी Bila reservoir on the verge of drying up due to damaged gate, angering farmers and villagers
सरसीवा – तहसील सरसीवा अंतर्गत ग्राम पंचायत किसडा में स्थित बिला जलाशय इन दिनों अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा है। वर्ष 2019 में निर्मित यह जलाशय कभी पानी से लबालब भरा रहता था, लेकिन जलाशय के गेट क्षतिग्रस्त हो जाने के कारण पानी धीरे-धीरे रिसकर बाहर बह गया। वर्तमान में जलाशय लगभग पूरी तरह खाली हो चुका है और सूखने की कगार पर पहुंच गया है।
ग्रामीणों का आरोप है कि जलाशय के गेट की मरम्मत कराने के लिए कई बार जनदर्शन में आवेदन दिया गया, वहीं सुशासन तिहार के दौरान धोबनी में आयोजित शिविर में भी समस्या से संबंधित आवेदन सौंपा गया था। इसके बावजूद अब तक न तो जल संसाधन विभाग और न ही जिला प्रशासन द्वारा कोई ठोस कार्रवाई की गई है।
ग्रामीणों के अनुसार जलाशय में पानी नहीं रहने के कारण आसपास के गांवों का भू-जल स्तर लगातार नीचे चला गया है, जिससे पेयजल संकट गहराने लगा है। गर्मी के मौसम में लोगों को पानी के लिए काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
बता दें कि बिला जलाशय का निर्माण किसानों को सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से किया गया था। हालांकि निर्माण के लगभग आठ वर्ष बाद भी जलाशय से संबंधित नहरों का निर्माण नहीं हो पाया है। इसके कारण जलाशय का पानी खेती के लिए उपयोग में नहीं आ सका और क्षेत्र के किसान आज भी सिंचाई सुविधा की उम्मीद लगाए बैठे हैं।
बारिश का मौसम नजदीक आने के बावजूद जलाशय के क्षतिग्रस्त गेट की मरम्मत नहीं होने से ग्रामीणों में चिंता बढ़ गई है। उनका कहना है कि यदि समय रहते गेट की मरम्मत नहीं की गई तो आगामी वर्षा जल का भी समुचित संचयन नहीं हो पाएगा।
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और जल संसाधन विभाग से शीघ्र गेट की मरम्मत, नहर निर्माण तथा जलाशय को पुनर्जीवित करने की मांग की है, ताकि किसानों और ग्रामीणों को इसका वास्तविक लाभ मिल सके।