धोबनी में खरीफ फार्म स्कूल 2026 का आयोजन
आत्मा योजना के तहत किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों और धान की बीमारियों की रोकथाम की दी गई जानकारी
धोबनी – किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों से जोड़ने, फसल उत्पादन बढ़ाने तथा खेती में आने वाली समस्याओं के वैज्ञानिक समाधान की जानकारी देने के उद्देश्य से एक्सटेंशन रिफॉर्म्स (आत्मा) योजना के तहत खरीफ फार्म स्कूल 2026 का आयोजन ग्राम धोबनी में किया गया। कार्यक्रम का आयोजन 30 सितंबर 2026 को किया गया, जिसमें ग्राम पंचायत के किसान बंधुओं के साथ जनप्रतिनिधि एवं कृषि विभाग के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि जिला पंचायत सदस्य श्रीमती शिव कुमारी साहू रहीं। इस अवसर पर किसान मोर्चा मंडल अध्यक्ष जितेंद्र साहू, किसान मोर्चा भाजपा मंडल सरसीवा के महामंत्री प्रहलाद साहू, ग्राम पंचायत धोबनी के उप सरपंच हरिशचंद्र साहू, ग्राम पंचायत सोहागपुर की सरपंच श्रीमती हेमलता साहू, बीडीसी अंजू कुर्रे सहित कृष्ण कुमार साहू कृषि अधिकारी वि खं . बिलाईगढ़ व कृषि विभाग के अधिकारी-कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में धोबनी के किसान उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के दौरान किसानों को खरीफ फसलों की वैज्ञानिक खेती, खेत की तैयारी, फसल प्रबंधन, खाद एवं उर्वरकों के संतुलित उपयोग, फसल की नियमित निगरानी तथा कीट एवं रोग प्रबंधन के संबंध में विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई।

धान की बीमारियों की रोकथाम पर विशेष जानकारी
खरीफ फार्म स्कूल में किसानों के लिए सबसे महत्वपूर्ण विषयों में से एक धान की फसल में होने वाली विभिन्न बीमारियों एवं उनकी रोकथाम रहा। कृषि विभाग की टीम एवं कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को बताया कि फसल में किसी भी प्रकार के रोग या कीट के लक्षण दिखाई देने पर समय रहते उसकी पहचान करना आवश्यक है।
किसानों को धान की फसल में दिखाई देने वाले विभिन्न रोगों के लक्षणों, उनके कारणों तथा रोकथाम के उपायों की जानकारी दी गई। साथ ही किसानों को यह भी समझाया गया कि बिना जानकारी के किसी भी प्रकार की दवा का प्रयोग करने के बजाय कृषि विशेषज्ञों या कृषि विभाग से उचित सलाह लेकर ही आवश्यक कृषि उपाय किए जाएं।
कृषि वैज्ञानिको ने फसल की नियमित निगरानी करने, खेत में पानी एवं पोषक तत्वों का उचित प्रबंधन करने तथा फसल की स्थिति के अनुसार आवश्यक कृषि कार्य समय पर करने पर जोर दिया।
किसानों को दी गई व्यवहारिक जानकारी
खरीफ फार्म स्कूल का उद्देश्य केवल किसानों को सैद्धांतिक जानकारी देना नहीं, बल्कि उन्हें खेती के दौरान उपयोगी व्यवहारिक एवं वैज्ञानिक तकनीकों से परिचित कराना भी है। इसी उद्देश्य से किसानों से खेती-किसानी से जुड़ी उनकी समस्याओं पर चर्चा की गई।
किसानों ने धान की फसल में आने वाली विभिन्न समस्याओं, रोगों, कीटों तथा फसल प्रबंधन से संबंधित अपने सवाल कृषि विभाग के अधिकारियों के सामने रखे। अधिकारियों ने किसानों की जिज्ञासाओं का समाधान करते हुए आवश्यक तकनीकी मार्गदर्शन प्रदान किया।
इस दौरान कृष्ण कुमार साहू, कृषि अधिकारी, विकासखंड बिलाईगढ़ एवं कृषि विभाग की टीम द्वारा किसानों को खेती के विभिन्न पहलुओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।
वैज्ञानिक तरीके से खेती करने पर जोर
कार्यक्रम में किसानों को बताया गया कि वर्तमान समय में खेती को अधिक लाभकारी और व्यवस्थित बनाने के लिए पारंपरिक तरीकों के साथ-साथ आधुनिक एवं वैज्ञानिक कृषि तकनीकों को अपनाना आवश्यक है। फसल की बुआई से लेकर कटाई तक प्रत्येक चरण में उचित प्रबंधन करने से फसल की गुणवत्ता और उत्पादकता में सुधार लाने में मदद मिल सकती है।
कृषि विभाग की ओर से किसानों को सलाह दी गई कि वे खेतों में फसलों की नियमित निगरानी करें और किसी भी प्रकार की समस्या सामने आने पर समय पर विशेषज्ञों से सलाह लें। फसल में रोग या कीट का प्रकोप होने पर उसकी सही पहचान के बाद ही उचित उपचार किया जाना चाहिए।
किसानों ने लिया वैज्ञानिक खेती का संकल्प
कार्यक्रम में उपस्थित किसानों ने कृषि विभाग द्वारा दी गई जानकारी को ध्यानपूर्वक सुना और खेती-किसानी में वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाने की बात कही। किसानों ने कहा कि इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रमों से उन्हें खेत में आने वाली समस्याओं को समझने और उनका समाधान करने में काफी मदद मिलती है।
किसानों ने विशेष रूप से धान की फसल में होने वाली बीमारियों की पहचान और उनकी रोकथाम से संबंधित जानकारी को उपयोगी बताया। किसानों ने कृषि विशेषज्ञों द्वारा बताए गए सुझावों को अपने खेतों में अपनाने तथा फसल की नियमित निगरानी करने की बात कही।
आत्मा योजना के माध्यम से किसानों तक पहुंच रही तकनीकी जानकारी
एक्सटेंशन रिफॉर्म्स (आत्मा) योजना के माध्यम से किसानों तक कृषि संबंधी नई तकनीक, वैज्ञानिक जानकारी एवं प्रशिक्षण पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। खरीफ फार्म स्कूल इसी उद्देश्य की एक महत्वपूर्ण कड़ी है, जिसके माध्यम से किसानों को खेत में सीधे उपयोग आने वाली जानकारी प्रदान की जाती है।
कार्यक्रम का आयोजन बी.टी.टी. कॉर्डिनेटर (आत्मा) वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी, विकासखंड बिलाईगढ़ के मार्गदर्शन में किया गया।
कार्यक्रम में उपस्थित जनप्रतिनिधियों, कृषि विभाग की टीम एवं किसान बंधुओं ने किसानों की आय और उत्पादन क्षमता बढ़ाने के लिए वैज्ञानिक कृषि पद्धतियों को अपनाने की आवश्यकता पर जोर दिया।
कार्यक्रम के अंत में किसानों से अपील की गई कि वे कृषि विशेषज्ञों द्वारा दी गई सलाह के अनुसार फसल प्रबंधन करें, धान की फसल की नियमित निगरानी रखें तथा रोग या कीट के लक्षण दिखाई देने पर समय पर कृषि विभाग से संपर्क कर उचित मार्गदर्शन प्राप्त करें।
कुल मिलाकर, ग्राम धोबनी में आयोजित खरीफ फार्म स्कूल 2026 किसानों के लिए ज्ञान, प्रशिक्षण और कृषि संबंधी तकनीकी मार्गदर्शन का महत्वपूर्ण अवसर रहा। कार्यक्रम के माध्यम से किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों के साथ-साथ धान की फसल में होने वाली बीमारियों की पहचान और रोकथाम के संबंध में विस्तृत जानकारी मिली। किसानों ने कृषि विशेषज्ञों की सलाह को अपनी खेती में अपनाने और आने वाले समय में वैज्ञानिक तरीके से खेती-किसानी करने की बात कही।














